हरिद्वार:- S.S.P नवनीत सिंह की अगुवाई में पहला बड़ा खुलासा: गुमशुदगी निकली हत्या, दंपत्ति सहित तीन गिरफ्तार

मामला 10 फरवरी 2026 का है, जब ग्राम मोहम्मद बेगपुर उर्फ टकाभरी निवासी श्याम सिंह ने कोतवाली भगवानपुर में प्रार्थनापत्र देकर बताया कि रविदास आश्रम में निवासरत महात्मा बृजेश दास 5 फरवरी 2026 से बिना सूचना दिए लापता हैं। प्रार्थनापत्र के आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी क्रमांक 02/2026 पंजीकृत कर जांच प्रारंभ की।

गुमशुदा की तलाश में जुटी पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) व स्थानीय स्तर पर पूछताछ के जरिए महत्वपूर्ण सुराग जुटाए। जांच में सामने आया कि बृजेश दास का संपर्क उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी एक महिला से था, तथा लापता होने से पूर्व उनकी अंतिम बातचीत भी इसी महिला से हुई थी।

पुलिस ने जब उक्त महिला व उसके पति से गहन पूछताछ की, तो पूरे प्रकरण का खुलासा हुआ। पूछताछ में महिला ने बताया कि पुराना परिचय व रिश्तेदारी के कारण बृजेश दास का उनके घर आना-जाना था। आरोप है कि बृजेश दास द्वारा लगातार मानसिक एवं वित्तीय दबाव बनाए जाने से परेशान होकर दंपत्ति ने साजिश रची।

महिला के अनुसार, 5 फरवरी 2026 को उसने फोन कर बृजेश दास को घर बुलाया। योजना के तहत घर पहुंचे महंत पर महिला के पति ने कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी। वारदात के बाद मुख्य आरोपित ने अपने भाई की मदद से शव एवं मृतक की मोटरसाइकिल को रात के अंधेरे में कृष्णा नदी में बहा दिया।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपितों ने हत्या के साक्ष्य नष्ट करने के लिए मृतक का मोबाइल फोन, बिस्तर पर लगी चादर, गद्दा, कपड़े एवं शव लपेटने में प्रयुक्त चादर को आग के हवाले कर दिया। बावजूद इसके, पुलिस की सतर्क जांच ने साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ते हुए आरोपितों तक पहुंच बनाई।

आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस टीम ने नदी किनारे से महंत बृजेश दास का शव बरामद किया। साथ ही भूसे के ढेर में छिपाकर रखी गई हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, मृतक के मोबाइल के अधजले पार्ट्स व बैटरी, जले कपड़ों की राख एवं खूनालूदा फर्श के नमूने भी कब्जे में लिए गए।

पूरे प्रकरण के अनावरण में थाना भगवानपुर व सीआईयू रुड़की की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में प्रभारी निरीक्षक राजीव रौथाण, उपनिरीक्षक नीरज रावत, उपनिरीक्षक बालाराम जोशी सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने सक्रियता व पेशेवर दक्षता का परिचय दिया।

एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि पुलिस जनपद में अपराध नियंत्रण एवं पारदर्शी जांच के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गुमशुदगी जैसे मामलों को भी गंभीरता से लिया जाएगा, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और अपराधियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।
यह खुलासा जनपद हरिद्वार पुलिस की सतर्कता व तकनीकी जांच की प्रभावशीलता का उदाहरण माना जा रहा है। घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है, वहीं पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना भी हो रही है।

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