कुलदीप राय
हरिद्वार। बैरागी कैंप क्षेत्र में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की भूमि पर वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमण के खिलाफ विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभागीय टीम ने शनिवार को पूरे बैरागी कैंप क्षेत्र में अभियान चलाते हुए सरकारी भूमि पर किए गए कब्जों और अवैध निर्माणों को चिन्हित किया। इसी के साथ अतिक्रमणकारियों को तीन दिन के भीतर खुद ही कब्जा हटाने का अल्टीमेटम देते हुए अनाउंसमेंट, नोटिस चस्पा किए गए हैं। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो विभाग जेसीबी मशीनों के माध्यम से खुद कार्रवाई कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराएगा, जिस पर होने वाले किसी भी नुकसान के तुम स्वयं जिम्मेदार होगे

अवैध पार्किंग का मामला भी गर्माया, छोटे छोटे ठेलियों/ढाबों से वसूली के आरोप
बैरागी कैंप में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की जमीन पर उत्तराखंड सिंचाई विभाग द्वारा वाहन पार्किंग की अनुमति दिए जाने पर भी विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध पार्किंग की आड़ में गाड़ियों से लेकर छोटी-छोटी ठेलियों, फड़ वालों और ढाबों से अवैध वसूली की जा रही है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पार्किंग के नाम पर वसूली करने वालों की अपनी मनमानी चल रही है, जिसे देखकर विभाग अब सख्त नज़र आया है। विभाग को लगातार अवैध गतिविधियों और जबरन वसूली की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद अब कार्रवाई तेज कर दी गई है।

अर्धकुंभ 2027 की तैयारियों के चलते सख्ती
वर्ष 2027 में होने वाले अर्धकुंभ को ध्यान में रखते हुए भी बैरागी कैंप क्षेत्र को व्यवस्थित करने और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अर्धकुंभ से पहले सभी अवैध निर्माणों और कब्जों को हटाकर क्षेत्र को साफ, सुरक्षित और सुगम बनाना आवश्यक है।

अभियान के संबंध में एसडीओ, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग, भारत भूषण ने कहा—
“बैरागी कैंप में सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध कब्जों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। विभागीय टीम ने सर्वे कर अतिक्रमण चिन्हित कर दिए हैं। सभी संबंधित लोगों को नोटिस देकर तीन दिन की मोहलत दी गई है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो विभाग द्वारा मशीनरी लगाकर कार्रवाई की जाएगी। अर्धकुंभ 2027 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए बैरागी कैंप क्षेत्र को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराना विभाग की प्राथमिकता है।” उन्होंने आगे बताया कि अवैध पार्किंग और उससे जुड़ी वसूली की शिकायतें भी मिली हैं, जिनकी जांच की जा रही है। दोषियों पर विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।
