राजकुमार
हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली लक्सर क्षेत्र की गोलीकांड की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने महज़ 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दिया है। यह कार्रवाई एसएसपी हरिद्वार के कुशल नेतृत्व एवं प्रभावी पर्यवेक्षण में की गई, जिससे पुलिस की त्वरित और सशक्त कार्यप्रणाली एक बार फिर सामने आई है।
घटना के खुलासे के लिए गठित की गई अलग-अलग पुलिस टीमों ने सतर्कता और सूझबूझ से कार्य करते हुए थाना खानपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिकंदरपुर के जंगलों से, बिजनौर हाईवे के पास से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी और आपराधिक इतिहास
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान सनी यादव एवं अजय के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी पूर्व में काशीपुर में हुई डकैती की घटना में जेल जा चुके हैं, जिससे उनके आपराधिक इतिहास की पुष्टि होती है।
घटना के पीछे की वजह: पैसों का लेनदेन और जान से मारने की धमकी
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी सनी यादव और कुख्यात बदमाश विनय त्यागी के बीच पैसों का लेनदेन चल रहा था। बताया गया कि पैसे मांगने पर विनय त्यागी द्वारा सनी यादव को लगातार जान से मरवाने की धमकियां दी जा रही थीं।
इन्हीं धमकियों से भयभीत होकर सनी यादव काफी समय से विनय त्यागी की लगातार रेकी कर रहा था। इसी दौरान उसे जानकारी मिली कि विनय त्यागी रुड़की जेल में बंद है और दिनांक 24-12-2025 को लक्सर न्यायालय में पेशी के लिए लाया जाएगा।
सोची-समझी साजिश के तहत दिया वारदात को अंजाम
इस सूचना के आधार पर सनी यादव ने अपने साथी अजय के साथ मिलकर बदले की नीयत से पूरी योजना बनाई और पेशी के दौरान वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। हालांकि पुलिस की सतर्कता और तेज कार्रवाई से बड़ी अनहोनी टल गई।
अवैध हथियार बरामद, विधिक कार्रवाई जारी
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों से कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की तत्परता से अपराधियों में दहशत
इस त्वरित खुलासे से जहां आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है, वहीं अपराधियों के बीच भी सख्त संदेश गया है कि हरिद्वार पुलिस अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
