राजकुमार
हरिद्वार। जूना अखाड़े के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी उमाकांतानंद सरस्वती महाराज ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर लगातार हो रहे अत्याचारों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह इस गंभीर विषय पर तत्काल हस्तक्षेप करते हुए बांग्लादेशी हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए सख्त और ठोस कदम उठाए।
भारत माता पुरम स्थित पुरुषार्थ आश्रम सेवा ट्रस्ट में प्रेस को जारी एक बयान में महामंडलेश्वर स्वामी उमाकांतानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को सोची-समझी साजिश के तहत लंबे समय से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वहां अल्पसंख्यक हिंदू समाज भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन जीने को मजबूर है।स्वामी उमाकांतानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि बांग्लादेश सरकार हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। आए दिन मंदिरों पर हमले, हिंदू परिवारों को चिन्हित कर प्रताड़ित करना, उनकी संपत्तियों पर कब्जा और जान-माल की हानि जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जो मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि भारत केवल एक पड़ोसी देश ही नहीं, बल्कि बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए एक नैतिक और सांस्कृतिक संरक्षक की भूमिका भी निभाता है। ऐसे में भारत सरकार को कूटनीतिक स्तर पर बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाकर वहां के हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। महामंडलेश्वर स्वामी उमाकांतानंद सरस्वती महाराज ने इस्लामिक देशों से भी अपील की कि वे मानवता के आधार पर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों की खुलकर निंदा करें और इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराएं।
इस अवसर पर पुरुषार्थ आश्रम सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष महामनीषी निरंजन स्वामी महाराज ने भी बांग्लादेश की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं को योजनाबद्ध तरीके से चिन्हित कर मारा जा रहा है और वहां की सरकार उन्हें सुरक्षा देने में पूरी तरह असफल रही है। महामनीषी निरंजन स्वामी महाराज ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को इस विषय को सर्वोच्च प्राथमिकता में लेते हुए ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को बांग्लादेश सरकार से सीधे वार्ता कर वहां रहने वाले हिंदुओं की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों की संत समाज कड़ी निंदा करता है और यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं हुई, तो स्थिति और भयावह हो सकती है। संत समाज ने एक स्वर में केंद्र सरकार से मांग की कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इस मुद्दे को उठाए, ताकि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं को न्याय और सुरक्षा मिल सके।
