एडवोकेट शुभम भारद्वाज
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा घाट के समीप देखते ही देखते एक रेस्टोरेंट व स्टे-होम का निर्माण कर दिया गया है, जो न सिर्फ राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) बल्कि हरिद्वार–रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) की नियमावली का भी खुला उल्लंघन माना जा रहा है। गंगा जैसी पवित्र और संवेदनशील नदी के तट पर इस तरह का निर्माण पर्यावरण, धार्मिक मर्यादा और कानून—तीनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, उक्त रेस्टोरेंट व स्टे-होम के लिए किसी भी प्रकार की पर्यावरणीय स्वीकृति नहीं ली गई, जिससे यह निर्माण सीधे तौर पर NGT के आदेशों का उल्लंघन प्रतीत होता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन कानून का पालन कर अवैध निर्माण पर कार्रवाई करता है या फिर गंगा तट पर नियमों की अनदेखी यूं ही जारी रहेगी।
