सरकारी डॉक्टरों पर शिकंजा: बाहर की दवा लिखी तो होंगे सस्पेंड!

लखनऊ, यूपी।
उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी डॉक्टरों के लिए सख्त गाइडलाइन जारी कर दी है। अब सरकारी अस्पतालों में मरीजों को सिर्फ स्टोर में उपलब्ध सरकारी दवाएं ही लिखी जाएंगी। यदि कोई डॉक्टर अस्पताल की दवाओं की जगह बाहर की दवा लिखते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल सस्पेंशन की कार्रवाई की जाएगी।

सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बिना खर्च इलाज और मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराना है। विभाग का मानना है कि बाहर की दवा लिखने से मरीजों पर अनावश्यक आर्थिक भार बढ़ता है और सरकारी अस्पतालों की दवा व्यवस्था पर भी सवाल उठते हैं।

अब नए निर्देशों के तहत –

सिर्फ अस्पताल स्टोर से उपलब्ध दवाएं ही लिखें

बाहर की दवा लिखी तो सीधे सस्पेंशन

डॉक्टर अनुपस्थित मिले तो CMS जिम्मेदार

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