राजकुमार
हरिद्वार | भगवानपुर क्षेत्र के ग्राम बिनारासी में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 1 फरवरी को रविदास जयंती शोभायात्रा के शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद शाम के समय हुई थी, जिसने पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव बिनारासी में एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश और आपसी संबंधों को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि युवक विशाल ने अपने परिजनों और साथियों के साथ मिलकर गांव के ही युवक आनंद को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद आनंद के परिजन और समर्थक आक्रोशित हो गए और उन्होंने पलटवार करते हुए विशाल पक्ष के मांगेराम को लाठी-डंडों से पीटकर मौत के घाट उतार दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि विशाल पक्ष के कई घरों में आगजनी और तोड़फोड़ की गई, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई और शांति व्यवस्था भंग हो गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने तत्काल गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही, मामले में लापरवाही बरतने वाले कुछ पुलिस कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की गई। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया।
गठित पुलिस टीमों ने 4 फरवरी 2026 को अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर दोनों मामलों से जुड़े कुल 11 वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान मुख्य आरोपी विशाल की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचा और एक खोखा कारतूस भी बरामद किया गया।
विवाद की जड़ क्या थी?
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी विशाल को शक था कि मृतक आनंद के उसकी बहन से संबंध हैं। इसी संदेह के चलते विशाल ने अपने परिजनों और साथियों के साथ मिलकर आनंद की गोली मारकर हत्या कर दी। आनंद की हत्या से गुस्साए उसके पक्ष के लोगों ने विशाल के चाचा मांगेराम को लाठी-डंडों से पीटकर मार डाला और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया।
फिलहाल गांव में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस फोर्स तैनात है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
