कुलदीप राय
हरिद्वार। 09 नवंबर 2025, रविवार। सरस्वती शिशु मंदिर सेक्टर-2 रानीपुर में “प्रथम सप्त शक्ति संगम” कार्यक्रम मातृ शक्ति के उत्साह एवं सहभागिता से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत संस्कृत वंदना से हुई।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती संजू चमोली जी ने कुशलता से किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेविका एवं पुलिस प्रशासन में सेवारत सुश्री मंजू बालियान जी उपस्थित रहीं।

संस्कृत वंदना एवं एकल गीत प्रस्तुति श्रीमती कमलेश विल्सन जी द्वारा की गई, जिसने पूरे कार्यक्रम में आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक ऊर्जा का संचार किया।
विचार एवं विषय
कार्यक्रम की प्रस्तावना श्रीमती गीता बहुगुणा जी ने रखी, जिन्होंने महिलाओं के दायित्व एवं सप्त शक्ति संगम की भावनाओं का विस्तार से वर्णन किया।
मुख्य विषय
“कुटुंब प्रबोधन एवं पर्यावरण के संबंध में भारतीय दृष्टि”
पर वक्तव्य श्रीमती अंजलि त्यागी जी द्वारा प्रस्तुत किया गया।

“भारत में महिलाओं का योगदान”
विषय पर श्रीमती मीनाक्षी शर्मा जी ने व्याख्यान दिया, जिसमें महिलाओं की वर्तमान व ऐतिहासिक भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
सांस्कृतिक एवं प्रेरणादायी प्रस्तुतियाँ

समूह गान — श्रीमती कमलेश, ममता, रुचि, वेणु, शालिनी, प्रिया, मीरा, अर्चना, लता एवं रजनी जी की संयुक्त प्रस्तुति ने सभी को भावविभोर किया। महिलाओं के लिए संदेश व प्रेरणादायी नाटक — “रामी बौराणी” श्रीमती सरस्वती एवं श्रीमती ममता जी ने प्रस्तुत किया।

सम्मान एवं समापन
प्रश्नोत्तरी सत्र का संचालन श्रीमती गायत्री रावत जी ने किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट माताओं — श्रीमती सुषमा जी एवं श्रीमती निधि जी को उनके प्रेरणादायी जीवन हेतु सम्मानित किया गया।
अंत में मुख्य अतिथि सुश्री मंजू बालियान जी ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया और मातृ शक्ति के संगठन, समाज उत्थान एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान की प्रशंसा करते हुए सभी को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित मातृ शक्तियों द्वारा समाज, संस्कृति एवं राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के संकल्प के साथ किया गया।।
