एडवोकेट शुभम भारद्वाज
हरिद्वार। हरकी पैड़ी क्षेत्र के हनुमान घाट में लंबे समय से अवैध निर्माण की शिकायतों के बाद हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एच.आर.डी.ए.) ने एक बार फिर बड़ी कार्यवाही की है। शनिवार को प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को दुबारा सील कर दिया।
एचआरडीए अधिकारियों के अनुसार संबंधित भवन स्वामी — कृष्ण बजाज एवं प्रीतम बजाज — ने पहले भी प्राधिकरण द्वारा लगाई गई सील को तोड़ दिया था, और निर्माण कार्य को दोबारा चालू कर दिया था। जबकि इस अवैध निर्माण के संबंध में उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम योजना तथा विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27 एवं 28 के अंतर्गत पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
अधिकारियों ने साफ कहा कि सील तोड़कर निर्माण करना नियम विरुद्ध है और यह केवल निर्माण कानून का उल्लंघन ही नहीं बल्कि सरकारी आदेशों की अवमानना भी है। इसी आधार पर प्राधिकरण ने दोनों नामित व्यक्तियों के खिलाफ कोतवाली हरिद्वार में FIR दर्ज कराई है। एच.आर.डी.ए. ने स्पष्ट संदेश दिया है कि हरिद्वार में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी अगर ऐसी गतिविधि सामने आती है, तो तत्काल कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
रानीपुर मोड़ पर भी कब्जे की शिकायत, कार्रवाई नहीं!

इधर दूसरी तरफ, सूत्र बताते हैं कि रानीपुर मोड़ के पास न्यू आवासीय कालोनी में विकसित एक अपार्टमेंट संचालक द्वारा नाले पर जाने वाले करीब 10 फुट चौड़े मार्ग पर कब्जा कर लिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला भी प्रशासन के संज्ञान में है और शिकायत उप जिलाधिकारी हरिद्वार को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।लोगों में सवाल है कि जब प्राधिकरण हनुमान घाट क्षेत्र में तुरंत कार्रवाई कर सकता है, तो रानीपुर मोड़ पर हुए कब्जे पर कार्रवाई क्यों नहीं?
सवाल अब उठ रहे हैं…
क्या प्रशासन सभी क्षेत्रों में समान रूप से कार्रवाई करेगा?
धार्मिक महत्व वाले क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वाले प्रभावशाली लोगों पर क्या सख्त सजा होगी?
रानीपुर मोड़ के पास आवासीय कालोनी में नाले के मार्ग कब्जे को लेकर SDM कार्यालय से क्या जवाब मिलेगा?
हरिद्वार शहर में निर्माण नियमों की अनदेखी और कब्जों पर प्रशासन के अलग-अलग रवैये को लेकर अब चर्चाएं तेज हो गई हैं। शहर के बुद्धिजीवी वर्ग का मानना है कि हर नियम का पालन सभी के लिए समान होना चाहिए, चाहे वह हनुमान घाट हो, रानीपुर मोड़ हो या कोई और क्षेत्र।
