पत्रकार हत्याकांड में नया मोड़, हाईकोर्ट ने राम रहीम को किया बरी

ब्यूरो

चंडीगढ़। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड मामले में पंजाब–हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बरी कर दिया है। वर्ष 2019 में सीबीआई की विशेष अदालत ने इस मामले में राम रहीम को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ आरोपी पक्ष ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राम रहीम को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
हालांकि, इस मामले में दोषी ठहराए गए अन्य तीन आरोपियों कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्णलाल की सजा को हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है।

यह मामला वर्ष 2002 का है। सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ने अपने अखबार में डेरा सच्चा सौदा से जुड़ी एक गुमनाम चिट्ठी प्रकाशित की थी, जिसमें साध्वियों के साथ यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए थे। इस खबर के प्रकाशित होने के कुछ समय बाद 24 अक्टूबर 2002 को सिरसा में अज्ञात हमलावरों ने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति को गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद कई दिनों तक अस्पताल में इलाज चला, लेकिन 21 नवंबर 2002 को उनकी मौत हो गई थी।


हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद एक बार फिर यह मामला चर्चा में आ गया है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, सीबीआई या पीड़ित पक्ष इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं।
यह मामला देश के चर्चित पत्रकार हत्याकांडों में से एक रहा है, जिसने उस समय मीडिया जगत और समाज में व्यापक बहस को जन्म दिया था।

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