एडवोकेट शुभम भारद्वाज
हरिद्वार – शहर में मिलावटी सोडा का कारोबार कर कुछ लोग जनता के स्वास्थ्य से खुला खिलवाड़ कर रहे हैं। शहर के कई क्षेत्रों में बिना लेबल, बिना प्रिंट रेट, बिना निर्माण तिथि और बिना एक्सपायरी डेट वाला संदिग्ध लेमन सोडा खुलेआम बेचा जा रहा है।
यह सोडा किन परिस्थितियों में बनाया गया, किस क्वालिटी के पानी का इस्तेमाल हुआ, कार्बोनेशन किस स्तर का है, कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं—फिर भी यह पेय पदार्थ धड़ल्ले से लोगों को पिलाया जा रहा है।
◼ अवैध फैक्ट्री
स्थानीय लोगों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिलेश्वर मेला अस्पताल के सामने एक कथित अवैध फैक्ट्री संचालित हो रही है, जहां बेहद अस्वच्छ वातावरण में भारी मात्रा में नकली लेमन सोडा तैयार किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि न तो इस फैक्ट्री का कोई रजिस्ट्रेशन है और न ही किसी प्रकार का FSSAI लाइसेंस, जो खाद्य उत्पादन के लिए सबसे जरूरी होता है।
◼ स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, बिना परीक्षण और बिना मानकों वाला ऐसा सोडा पेट संबंधी बीमारियों, फूड पॉइजनिंग, एलर्जी, और लंबी अवधि में कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
अवैध रूप से बनने वाले पेय पदार्थों में अक्सर सस्ता रसायन, दूषित पानी और घटिया क्वालिटी का फ्लेवर मिलाया जाता है।
◼ प्रशासन पर सवाल
शहर में खुलेआम ऐसे उत्पादों की बिक्री प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े करती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतों के बाद भी अभी तक किसी प्रकार की जांच या कार्रवाई होते नहीं दिख रही है।
◼ निष्कर्ष
हरिद्वार जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थल में इस तरह का कारोबार न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण भी है।
यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मिलावटी पेय लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है।
