एक घंटे में 51 लाख “राम नाम” जप के साथ भव्य रूप से मनाई गई राम नवमी

दिनांक: 27/03/2026

राजकुमार

▪️संत गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस में लिखा है कि “राम नाम” स्वयं भगवान से भी बढ़कर है, क्योंकि यह हर परिस्थिति में सहायक होता है।

▪️मान्यता है कि समुद्र पर सेतु निर्माण के दौरान “राम” नाम लिखे पत्थर पानी में तैर गए थे, जिसे रामायण में वर्णित किया गया है।

▪️संत कबीर ने भी कहा कि “राम नाम” ही सच्चा सहारा है, जो जीवन-मरण के चक्र से मुक्ति दिलाता है।

▪️महात्मा गांधी के अंतिम शब्द भी “हे राम” थे, जो इस नाम की गहरी आस्था को दर्शाते हैं।

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