दिनांक: 27/03/2026
राजकुमार
राम नवमी के पावन अवसर पर श्री राम नाम विश्व बैंक समिति द्वारा देशभर में एक अनूठा और आध्यात्मिक आयोजन किया गया। इस अवसर पर हरिद्वार सहित पूरे भारत की विभिन्न इकाइयों में एक घंटे के भीतर 51 लाख बार “राम नाम” लिखकर एक अद्वितीय रिकॉर्ड स्थापित किया गया। कार्यक्रम में हजारों राम भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पुस्तकों पर “राम” नाम का लेखन किया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भी जोड़ने का माध्यम बना।

समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सुमित तिवारी ने कहा कि “राम नाम में अपार शक्ति है, जो हर प्रकार की समस्याओं का समाधान करने में सक्षम है।” उन्होंने बताया कि देशभर में फैली समिति की इकाइयों में एक साथ राम नाम लेखन का आयोजन किया गया, जिसमें लाखों लोगों ने सहभागिता की।उन्होंने यह भी बताया कि समिति द्वारा संचालित ramnaam ऐप के माध्यम से भी लोग प्रतिदिन लाखों बार राम नाम लिखते हैं, जो “काम से राम की ओर” ले जाने का एक प्रेरणादायक अभियान है।
हरिद्वार सांसद प्रतिनिधि राजेश रस्तोगी ने इस पहल को सराहते हुए कहा कि “राम नाम की महिमा ऐसी है कि पत्थर भी तर जाते हैं, तो मनुष्य का उद्धार होना स्वाभाविक है।”

भगवान श्री राम का नाम हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली माना गया है। प्राचीन ग्रंथों और संतों ने भी राम नाम की महिमा का वर्णन किया है:
▪️संत गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस में लिखा है कि “राम नाम” स्वयं भगवान से भी बढ़कर है, क्योंकि यह हर परिस्थिति में सहायक होता है।
▪️मान्यता है कि समुद्र पर सेतु निर्माण के दौरान “राम” नाम लिखे पत्थर पानी में तैर गए थे, जिसे रामायण में वर्णित किया गया है।
▪️संत कबीर ने भी कहा कि “राम नाम” ही सच्चा सहारा है, जो जीवन-मरण के चक्र से मुक्ति दिलाता है।
▪️महात्मा गांधी के अंतिम शब्द भी “हे राम” थे, जो इस नाम की गहरी आस्था को दर्शाते हैं।
इस अवसर पर सफल प्रयास मिशन के अध्यक्ष करण पंडित, आचार्य माधव शरण, जोगेंद्र सिंह मावी, ज्योतिषाचार्य पुनीत जी, मुकेश शर्मा, कुलदीप अरोड़ा, कुलदीप राय, राजकुमार, इशिका धीमान, मोहित चौहान, शशिकांत शर्मा, ज्योति शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
राम नवमी के इस पावन पर्व पर आयोजित यह सामूहिक “राम नाम लेखन” कार्यक्रम न केवल आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज को आध्यात्मिकता, सकारात्मकता और एकजुटता का संदेश भी दे गया। यह पहल आने वाले समय में और भी बड़े स्तर पर लोगों को “राम” से जोड़ने का कार्य करेगी।
