कुलदीप राय
हरिद्वार। 30 दिसंबर 2025
सरस्वती शिशु मंदिर, सेक्टर–2, रानीपुर, हरिद्वार में तृतीय सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम अत्यंत गरिमामय एवं प्रेरणादायी वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्र निर्माण में भूमिका को सशक्त रूप से प्रस्तुत करना रहा।
कार्यक्रम का कुशल संचालन श्रीमती मोहिनी जी द्वारा किया गया,जिन्होंने पूरे आयोजन को अनुशासित एवं प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ाया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ, जिसे श्रीमती कमलेश विल्सन जी ने भावपूर्ण ढंग से संपन्न कराया। इसके उपरांत उन्होंने एकल गीत की मधुर प्रस्तुति देकर उपस्थित मातृ शक्तियों को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम की प्रस्तावना श्रीमती गायत्री रावत द्वारा रखी गई, जिसमें उन्होंने महिलाओं के दायित्वों, सामाजिक सहभागिता तथा सप्तशक्ति संगम की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला।इसके बाद विद्यालय की छोटी बहिनों द्वारा प्रस्तुत समूह गीत ने वातावरण को उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।
कार्यक्रम का मुख्य विषय: भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका” रहा।
इस विषय पर मुख्य वक्ता डॉ. बबीता जी (योगाचार्य) ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में महिला शक्ति को भारत के सर्वांगीण विकास की आधारशिला बताया। उन्होंने योग, संस्कार और आत्मनिर्भरता के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण पर बल दिया। वहीं वक्ता राधिका नागरथ जी ने
“कुटुंब प्रबोधन एवं पर्यावरण के संबंध में भारतीय दृष्टि” विषय पर अपने विचार रखते हुए पारिवारिक मूल्यों, प्रकृति संरक्षण और भारतीय जीवन शैली की महत्ता को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट माताओं का सम्मान भी किया गया।
श्रीमती संगीता राणा जी एवं डॉ. प्रिया आहूजा जी को उनके प्रेरणादायी जीवन, सामाजिक योगदान एवं महिला सशक्तिकरण के लिए किए गए कार्यों के लिए सम्मानित किया गया, जिसे उपस्थित सभी मातृ शक्तियों ने करतल ध्वनि से सराहा। कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बनाते हुए प्रेरणादायी महिलाओं के लिए संदेश के अंतर्गत चिपको आंदोलन की नायिका गौरा देवी पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया गया। इस नाटक को श्रीमती सरस्वती जी एवं गीता दीदी द्वारा प्रभावशाली अभिनय के साथ प्रस्तुत कराया गया, जिसने पर्यावरण संरक्षण एवं महिला साहस का सशक्त संदेश दिया।
इसके पश्चात प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया, जिसका संचालन श्रीमती अंजली त्यागी जी ने किया। इस सत्र में महिलाओं ने खुलकर प्रश्न पूछे और वक्ताओं से मार्गदर्शन प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में अध्यक्षीय उद्बोधन श्रीमती अनीता वर्मा जी द्वारा दिया गया। उन्होंने मातृ शक्ति के संगठन, समाज उत्थान और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका की सराहना करते हुए सभी को निरंतर सक्रिय रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का आभार व्यक्त श्रीमती नेहा जोशी द्वारा किया गया। अंततः कार्यक्रम का समापन संकल्प के साथ हुआ, जिसमें उपस्थित सभी मातृ शक्तियों ने समाज, संस्कृति एवं राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय और सकारात्मक भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
यह आयोजन न केवल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त कदम सिद्ध हुआ, बल्कि समाज में भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और मातृ शक्ति की महत्ता को पुनः स्थापित करने वाला प्रेरणादायी कार्यक्रम भी रहा।
