राजकुमार
देहरादून:-उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर बड़ा और अहम मोड़ आ गया है। लंबे समय से उठ रहे वीआईपी एंगल को लेकर अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है। सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच (शाखा-2) ने दिल्ली में एक अज्ञात वीआईपी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, जिसके बाद सोमवार को सीबीआई की जांच टीम उत्तराखंड पहुंच गई है। इस कदम को राज्य सरकार की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की संस्तुति पर यह जांच शुरू की गई है, ताकि मामले से जुड़े हर पहलू को पूरी तरह सामने लाया जा सके और किसी भी तरह के संदेह की गुंजाइश न रहे।
वायरल ऑडियो-वीडियो के बाद फिर गरमाया मामला
दरअसल, यह मामला एक बार फिर उस समय सुर्खियों में आया, जब भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उनकी कथित पत्नी उर्मिला सनावर के बीच का वायरल ऑडियो तथा सोशल मीडिया पर जारी वीडियो सामने आए।
उर्मिला सनावर ने फेसबुक लाइव के माध्यम से अंकिता हत्याकांड में एक कथित वीआईपी की भूमिका का जिक्र किया था। इसके बाद प्रदेश का राजनीतिक माहौल गरमा गया और विपक्षी दलों, सामाजिक संगठनों तथा आम जनता की ओर से CBI जांच की मांग तेज हो गई।
सरकार ने दिखाई गंभीरता
राज्य सरकार ने पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की। 9 जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी थी। सरकार का साफ कहना है कि वह किसी भी व्यक्ति को बचाने के पक्ष में नहीं है, बल्कि सच्चाई को सामने लाना ही उसका उद्देश्य है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में कोई भी दोषी पाया जाता है — चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो — उसे कानून के दायरे में लाया जाएगा।
तीन आरोपियों को पहले ही मिल चुकी है उम्रकैद की सजा
गौरतलब है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया के तहत पहले ही बड़ी कार्रवाई हो चुकी है।
वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत अंकिता भंडारी की 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी और उसका शव चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया था। करीब एक सप्ताह बाद शव बरामद हुआ।
इसके बाद गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने विस्तृत जांच करते हुए लगभग 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। अभियोजन पक्ष ने कुल 97 गवाह बनाए, जिनमें से 47 गवाहों की अदालत में गवाही कराई गई।
अदालत ने वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, उसके सहयोगी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को उम्रकैद की सजा सुनाई। पुलकित आर्य पर हत्या, साक्ष्य मिटाने, छेड़छाड़ और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम जैसी गंभीर धाराओं में दोष सिद्ध हुआ।
VIP को लेकर लंबे समय से उठते रहे सवाल
हालांकि, इस मामले में कथित वीआईपी को लेकर सवाल शुरुआत से ही उठते रहे हैं।
घटना की रात अंकिता ने अपने मित्र पुष्पदीप को फोन कर बताया था कि पुलकित आर्य उस पर एक बड़े वीआईपी को “अतिरिक्त सेवा” देने का दबाव बना रहा है।
यही वह अहम बिंदु है, जिस पर अब सीबीआई की जांच केंद्रित होगी।
CBI को मिलेगा पूरा सहयोग
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि सीबीआई को जांच में हर तरह का सहयोग दिया जाएगा। जांच एजेंसी स्वतंत्र रूप से काम करेगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का मानना है कि सीबीआई जांच से न केवल वीआईपी एंगल को लेकर फैले संदेह दूर होंगे, बल्कि पीड़ित परिवार और प्रदेश की जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा भी और मजबूत होगा।
न्याय सर्वोपरि
कुल मिलाकर, अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच का शुरू होना राज्य सरकार की पारदर्शिता, जवाबदेही और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अब पूरे प्रदेश की निगाहें सीबीआई जांच पर टिकी हैं, जिससे यह उम्मीद की जा रही है कि इस मामले से जुड़े हर सच को सामने लाया जाएगा और न्याय पूरी तरह होगा।
