राजकुमार
हरिद्वार/पथरी: ग्राम धारीवाला में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने मात्र 48 घंटे में आत्महत्या के ड्रामे के पीछे छुपी हत्या का सनसनीखेज राज खोल दिया। मामला चाचा–भतीजे के रिश्ते को शर्मसार करने वाला निकला, जहाँ भतीजे ने गुस्से में आकर अपने चाचा की गला घोंटकर हत्या कर दी और इसे आत्महत्या जैसा रूप देने का प्रयास किया।
संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव,
परिवार ने बताया आत्महत्या
दिनांक 02 दिसंबर 2025 को 112 पर सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम धारीवाला, थाना पथरी में एक व्यक्ति मृत अवस्था में पड़ा है। थानाध्यक्ष पथरी मनोज नौटियाल पुलिस टीम सहित मौके पर पहुंचे, जहाँ सुरेश पुत्र सुखबीर (उम्र 42 वर्ष) का शव कमरे में फर्श पर पड़ा मिला।
परिवारजन मौत को फांसी लगाकर आत्महत्या बता रहे थे, लेकिन मृतक के गले पर मौजूद strangulation (गला दबाकर हत्या) के निशान देखकर पुलिस को मामला संदिग्ध लगा। फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया और शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला हत्या का राज
दिनांक 03 दिसंबर 2025 को प्राप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि सुरेश की मौत फांसी से नहीं, बल्कि गला दबाने से हुई हत्या है।
चूँकि मृतक अविवाहित था और उसकी कोई संतान नहीं थी, परिवार द्वारा कोई तहरीर नहीं दी गई।
इस पर चौकी प्रभारी फेरूपुर की रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए SSP हरिद्वार द्वारा तत्काल खुलासे व गिरफ्तारी के निर्देश जारी किए गए।
मैन्युअल पुलिसिंग और वैज्ञानिक जांच ने बदला केस का रुख
थाना पथरी पुलिस टीम ने घटनास्थल से भौतिक साक्ष्य एकत्र किए और मृतक के परिजनों से क्रमबद्ध पूछताछ शुरू की। पूरी कहानी में सबसे ज़्यादा सक्रिय वही व्यक्ति दिखाई दिया जो बार-बार, ज़ोर-ज़ोर से “चाचा ने फांसी लगा ली” का नाटक कर रहा था। पुलिस का शक भतीजे सुनील (उम्र 25 वर्ष) पर गहरा हुआ, क्योंकि घटना की जानकारी सबसे पहले उसी ने दी थी।
बढ़ते सवालों के सामने टूट गया आरोपी, कबूली हत्या
कड़ी पूछताछ के दौरान सुनील आखिरकार टूट गया और हत्या की बात स्वीकार कर ली। उसने बताया:
सुरेश शराब पीकर आए दिन उसे गाली देता था और बेइज्जत करता था।
अपनी जमीन बेचने की बातें करता था, जिससे सुनील को डर व जलन होती थी।
घटना वाले दिन गुस्से में उसने चुन्नी से चाचा का गला घोंट दिया।
बाद में घबरा कर पूरा मामला आत्महत्या दिखाने का प्लान बनाया।
इस तरह रचा आत्महत्या का ड्रामा
01 दिसंबर 2025 की रात करीब 9 बजे सुरेश नशे में अपने घेर में लेटा हुआ था।
इसी दौरान सुनील ने चुन्नी से गला दबाकर सुरेश की हत्या की। हत्या के बाद चुन्नी को दोबारा गले में बांधकर शव को टीनशेड के एंगल से लटकाने की कोशिश की।
लेकिन शरीर भारी होने के कारण शव नीचे गिर गया। अगली सुबह उसने परिवार को खुद बताया कि “चाचा ने फांसी लगा ली” और वह उन्हें उतार चुका है।
लेकिन पुलिस की वैज्ञानिक जांच व अनुभव के सामने यह कहानी टिक नहीं सकी।
48 घंटे की शानदार कार्रवाई — आरोपी गिरफ्तार
घटनास्थल निरीक्षण, फॉरेंसिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल लोकेशन, व्यवहारिक विश्लेषण और क्रमबद्ध पूछताछ के आधार पर थाना पथरी पुलिस टीम ने सिर्फ 48 घंटे में हत्या का राजफाश कर दिया।
पुलिस टीम
थानाध्यक्ष पथरी — मनोज नौटियाल
व0उ0नि0 — यशवीर सिंह नेगी
उ0नि0 — विपिन कुमार
उ0नि0 — महेंद्र पुंडीर
अ0उ0नि0 — मुकेश राणा
का0 — मुकेश चौहान
का0 — जयपाल चौहान
का0 — अनिल सिंह
का0 — कान्तिराम
