कुलदीप राय
हरिद्वार:-स्थित राजाजी टाइगर रिजर्व में चर्चित शादी विवाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। कैबिनेट मंत्री खजान दास के बेटे की शादी को लेकर उठे विवाद के बाद वन विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए कई कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की है।
जांच में लापरवाही पाए जाने पर फॉरेस्ट गार्ड अमित सैनी और अभिषेक कंडारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं हरिद्वार रेंज के रेंजर महेश सेमवाल से उनका प्रभार वापस ले लिया गया है और वन दरोगा अमृता को भी उनके पद से हटा दिया गया है। अब हरिद्वार रेंज की जिम्मेदारी नई रेंज अधिकारी आभा रतूड़ी को सौंपी गई है। यह कार्रवाई जांच अधिकारी अजय लिंगवाल की रिपोर्ट के आधार पर वन निदेशक राजीव धीमान द्वारा की गई।
बताया जा रहा है कि 26 अप्रैल 2026 को राजाजी टाइगर रिजर्व की हरिद्वार रेंज स्थित सुरेश्वरी देवी मंदिर परिसर में मंत्री के बेटे की शादी आयोजित की जानी थी। शादी से पहले ही ट्रकों के जरिए टेंट, फर्नीचर, कूलर और अन्य सजावटी सामान मौके पर पहुंचा दिया गया था और पूरे परिसर को भव्य रूप से सजाया गया था। जैसे ही इस आयोजन की तस्वीरें और वीडियो सामने आए, मामला विवादों में घिर गया।
दरअसल, जिस स्थान पर शादी की तैयारी की जा रही थी, वह संरक्षित रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में आता है, जहां किसी भी प्रकार के बड़े और शोर-शराबे वाले आयोजनों पर सख्त प्रतिबंध है। यहां नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की गाइडलाइन लागू होती हैं। विवाद बढ़ने के बाद विभाग ने तत्काल प्रभाव से वहां से सभी सामान हटवाया और शादी को बेहद सादगीपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया।
कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
हालांकि विभागीय कार्रवाई के बाद कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। कैबिनेट मंत्री खजान दास ने पहले दावा किया था कि उन्हें इस आयोजन के लिए उच्च स्तर से अनुमति मिली थी। ऐसे में अब यह चर्चा तेज है कि क्या केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को ही जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जबकि उच्च स्तर पर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
प्रमुख वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्रा ने कहा कि राजाजी टाइगर रिजर्व अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है और इसकी निगरानी उच्च स्तर पर की जाती है। ऐसे में नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
वन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और यदि आगे की जांच में अन्य अधिकारियों या व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अवैध कब्जों पर विभाग की चुप्पी सवालों के घेरे में
इसी बीच एक और बड़ा मुद्दा सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजाजी टाइगर रिजर्व की जमीन पर कई होटल और कंपनियां अवैध रूप से कब्जा कर चुकी हैं। यहां तक कि रास्ते और पार्किंग तक बना दी गई हैं। कई बार शिकायतें करने के बावजूद इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
सूत्रों के अनुसार, सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने और विभाग को लिखित रूप से अवगत कराने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। यहां तक कि व्हाट्सएप पर भेजे गए एक पत्र में विभाग द्वारा जमीन पर कब्जे की बात स्वीकार किए जाने का भी दावा किया जा रहा है।
अब सभी की नजर नई रेंज अधिकारी आभा रतूड़ी पर टिकी है कि वह इस गंभीर प्रकरण में क्या कदम उठाती हैं और क्या अवैध कब्जों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई होती है या नहीं।
