राजकुमार
थाना बहादराबाद / हरिद्वार।
एसएसपी हरिद्वार की नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी की हत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए मृतक के बेटे सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हैरानी की बात यह है कि हत्या की साजिश किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि मृतक के ही बेटे ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर रची थी। बेटा पिता की करोड़ों की संपत्ति हड़पना चाहता था और इसी लालच में उसने अपने पिता का खून करवा दिया।
घटना की कहानी
29 नवंबर 2025 को ज्वालापुर निवासी होशियार सिंह ने पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी कि उनका बेटा यशपाल और वे स्वयं एक शादी में जा रहे थे। रास्ते में जटवाड़ा पुल पर एक अज्ञात व्यक्ति ने लिफ्ट मांगी और कार में बैठते ही उनके पिता भगवान सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी।
सूचना मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई। थाना बहादराबाद में मुकदमा दर्ज किया गया और घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी हरिद्वार द्वारा कई पुलिस टीमों का गठन किया गया।
लेकिन जब पुलिस ने मृतक के बेटे यशपाल से पूछताछ शुरू की, तो उसके बयान बार-बार बदलते रहे। उसके बताए दोस्तों से मिलान करने पर भी कई विरोधाभास सामने आए। संदेह गहराया और कड़ी पूछताछ में आखिरकार यशपाल टूट गया और अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
संपत्ति के लालच में बेटे ने रची पूरी साजिश
जांच में पता चला कि मृतक भगवान सिंह रिटायर्ड एयरफोर्स ऑफिसर थे और उनके पास करोड़ों की संपत्ति थी। लेकिन पुत्र यशपाल गलत संगति और गलत आदतों में पड़ चुका था। इसके चलते पिता-पुत्र के संबंध खराब थे। यशपाल लगातार अपने पिता पर संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था। पिता द्वारा इनकार करने पर उसने धमकी भी दी थी। जब पिता ने उसे बेदखल करने की बात कही तो यशपाल ने क्रोधित होकर अपने दोस्तों ललित मोहन उर्फ राजन और शेखर के साथ मिलकर पिता की हत्या की साजिश रच ली। दोस्तों को इस हत्याकांड के बदले ₹30 लाख व एक स्कॉर्पियो देने का वादा किया गया था।
कैसे दिया गया वारदात को अंजाम
29 नवंबर को तीनों आरोपियों ने दोपहर में नहर पटरी क्षेत्र की रेकी की। रात करीब 8 बजे यशपाल ने अपने पिता को रोशनाबाद में दोस्त की झूठी शादी में जाने का बहाना बनाकर कार में बैठाया। जटवाड़ा पुल से आगे बैराज पर पहले से राजन और शेखर इंतजार कर रहे थे। यशपाल ने राजन को पिता से “दोस्त” बताकर कार में बैठा लिया। जैसे ही यशपाल ड्राइवर सीट पर आया, राजन ने अपने तमंचे से भगवान सिंह की कनपटी पर दो राउंड फायर कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

वारदात के बाद राजन फरार हो गया और कुछ देर बाद यशपाल ने पुलिस को 112 नंबर पर झूठी सूचना देकर खुद को बचाने का प्रयास किया।
लेकिन पुलिस की गहन पूछताछ, तकनीकी जांच और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों ने उसके झूठ की परतें खोल दीं।
अभियुक्तों का विवरण
यशपाल पुत्र भगवान सिंह, निवासी जमालपुर कलाँ, हरिद्वार (उम्र 21 वर्ष)
राजन उर्फ ललित मोहन, निवासी सीतापुर, ज्वालापुर
शेखर, निवासी सीतापुर बालाजी पुरम कालोनी, ज्वालापुर
पुलिस टीम
थाना बहादराबाद
उ0नि0 अंकुर शर्मा (थानाध्यक्ष)
व0उ0नि0 नितिन बिष्ट
उ0नि0 अमित नौटियाल (चौकी प्रभारी कस्बा)
उ0नि0 उमेश कुमार (चौकी प्रभारी शांतरसा)
उ0नि0 जगमोहन सिंह
हे0कानि0 होशियार सिंह
कानि0 बलवंत सिंह
कानि0 वीरेंद्र चौहान
कानि0 मुकेश नेगी
कानि0 शाह आलम
कानि0 ड्राइवर वीरेंद्र सिंह
कोतवाली रानीपुर
निरीक्षक शांति कुमार गंगवार
कानि0 नरेंद्र राणा
कानि0 उदय चौहान
सीआईयू हरिद्वार
निरीक्षक नरेन्द्र सिंह बिष्ट
कानि0 नरेन्द्र सिंह
कानि0 उमेश
कानि0 हरवीर सिंह
कानि0 वसीम
