राजकुमार
थाना बुग्गावाला क्षेत्र में दर्ज बहुचर्चित तीन तलाक, हलाला, दहेज उत्पीड़न और मारपीट प्रकरण में हरिद्वार पुलिस ने कार्रवाई पूरी करते हुए आरोप पत्र माननीय न्यायालय में प्रेषित कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 04 अप्रैल 2026 को ग्राम मुजाहिदपुर सतीवाला निवासी पीड़िता द्वारा थाना बुग्गावाला में तहरीर देकर पति समेत ससुराल पक्ष पर मारपीट, दहेज के लिए उत्पीड़न एवं तीन तलाक देने के गंभीर आरोप लगाए गए थे।
मामले में पति, ससुर, जेठ, देवर सहित कुल 8 लोगों को नामजद किया गया था। विवेचना के दौरान हलाला और तीन तलाक से जुड़े तथ्य सामने आने पर पुलिस ने उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (UCC) एक्ट की धारा 32(1)(2) एवं 32(1)(3) की बढ़ोत्तरी की। साथ ही देहरादून निवासी एक अन्य आरोपी रहमान पुत्र वहीद का नाम भी जांच में प्रकाश में आया, जिसे मुकदमे में शामिल किया गया।
हरिद्वार पुलिस द्वारा गहन विवेचना और पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद सभी आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय भेज दिया गया है।
धामी सरकार के UCC कानून का बड़ा असर
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की सरकार द्वारा लागू किए गए Uniform Civil Code (UCC) को महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इस प्रकरण में पहली बार हलाला और तीन तलाक जैसे मामलों में UCC एक्ट की धाराओं का प्रयोग चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्रदेश में लागू UCC कानून के तहत महिलाओं के सम्मान, समान अधिकार और सामाजिक न्याय को मजबूत करने की दिशा में यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
क्या होता है हलाला?
इस्लामिक परंपरा में “हलाला” उस प्रक्रिया को कहा जाता है, जिसमें पति द्वारा तीन तलाक देने के बाद यदि वही महिला दोबारा पहले पति से निकाह करना चाहती है, तो उसे पहले किसी अन्य पुरुष से निकाह करना पड़ता है। इसके बाद दूसरे पति द्वारा तलाक देने या उसकी मृत्यु होने पर ही महिला पहले पति से दोबारा निकाह कर सकती है।
हालांकि, जबरन या दबाव बनाकर हलाला कराना महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के खिलाफ माना जाता है। उत्तराखंड में लागू UCC कानून के बाद ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई का रास्ता और सख्त हो गया है
