कुलदीप राय
हरिद्वार: जनपद हरिद्वार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता विभाग (विजिलेंस) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस बार कार्यालय बाल विकास अधिकारी, रुड़की ग्रामीण द्वितीय में तैनात सुपरवाइजर राखी सैनी को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी सुपरवाइजर ने एक कर्मचारी से प्रमोशन कराने के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग की थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत सतर्कता विभाग से की, जिसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया। तय योजना के अनुसार जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम ली, विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
इस कार्रवाई के बाद विकास भवन रोशनाबाद स्थित जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) कार्यालय में हड़कंप मच गया। मामले में डीपीओ कार्यालय से जुड़े अधिकारी धर्मवीर सिंह का नाम भी सामने आया है, जिसके चलते विजिलेंस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रकरण में अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।
सतर्कता विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। विभागीय स्तर पर भी इस गिरफ्तारी के बाद खलबली मची हुई है और कई अधिकारियों-कर्मचारियों की गतिविधियां जांच के दायरे में आ सकती हैं।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी कार्रवाईयां
हरिद्वार में विजिलेंस टीम पहले भी कई भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर चुकी है। हाल ही में विभाग ने विभिन्न सरकारी दफ्तरों में ट्रैप कार्रवाई करते हुए कई मामलों का खुलासा किया था, जिसमें राजस्व, पुलिस और अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल रहे हैं। इन लगातार कार्रवाइयों से साफ है कि सतर्कता विभाग भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है।
बड़े खुलासों की उम्मीद
इस पूरे मामले में विजिलेंस की जांच अभी जारी है। शुरुआती जांच में ही एक से अधिक लोगों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर इस प्रकरण में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
फिलहाल सतर्कता विभाग आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगा है।
